भैरमगढ़ में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस — बालिकाओं ने दिखाई अपनी प्रतिभा

भैरमगढ़, 11 अक्टूबर 2025।
राष्ट्रिय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) चिरायु टीम भैरमगढ़ द्वारा अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, भैरमगढ़ में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में निबंध लेखन, चित्रकला, वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मकता तथा प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं बालिकाओं के स्वागत गीत से किया गया। इसके बाद RBSK चिरायु टीम के सदस्यों ने बालिकाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण एवं आत्म-सुरक्षा के विषय में जागरूक किया। छात्राओं को यह बताया गया कि जीवन में शिक्षा और आत्मनिर्भरता का कितना महत्व है।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 2025 का थीम “मैं जो लड़की हूं, मैं जो बदलाव लाती हूं: संकट के अग्रिम मोर्चे पर लड़कियां” (I am the girl, I am the change: Girls at the forefront of crises) रखा गया है, जिसे यूनीसेफ (UNICEF) द्वारा निर्धारित किया गया है। यह थीम उन बालिकाओं को सम्मान देने का संदेश देती है जो हर कठिन परिस्थिति में बदलाव की अग्रदूत बनकर समाज में सकारात्मक भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा, समान अवसरों और समाज में उनके सशक्तिकरण पर जोर दिया। विद्यालय की प्राचार्य ने कहा कि आज की बालिकाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और उन्हें केवल अवसर और प्रोत्साहन की आवश्यकता है।
प्रतियोगिताओं के अंत में विजेता छात्राओं को पुरस्कृत किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, RBSK टीम के सदस्य, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि और छात्राएं उपस्थित रहीं।
मुख्य बिंदु:
तारीख: 11 अक्टूबर 2025
स्थान: कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, भैरमगढ़
आयोजक: RBSK चिरायु टीम भैरमगढ़
थीम: “मैं जो लड़की हूं, मैं जो बदलाव लाती हूं: संकट के अग्रिम मोर्चे पर लड़कियां”
उद्देश्य: बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और समान अवसरों के प्रति जागरूकता फैलाना
यह आयोजन बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें समाज में अपनी भूमिका को और सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।
