देशभक्ति की अनूठी मिसाल: 16वें जन्मदिन पर अलौकिक ने भारतीय सेना को समर्पित की अपनी जमापूंजी

राजनांदगांव। जहाँ आज के दौर में युवा पीढ़ी अपने जन्मदिन पर भव्य आयोजनों और पार्टियों में खर्च करना पसंद करती है, वहीं संस्कारधानी राजनांदगांव के एक किशोर ने मानवता और राष्ट्रप्रेम का एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है। स्थानीय निवासी अलौकिक रामटेके ने अपने 16वें जन्मदिवस के अवसर पर फिजूलखर्ची के बजाय देश के रक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए अपनी बचत राशि भारतीय सेना को दान कर दी।
जिलाधीश के माध्यम से सौंपी सम्मान राशि
प्रतिवर्षानुसार अपनी परंपरा को कायम रखते हुए, अलौकिक रामटेके ने 26 जनवरी 2026, गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जिलाधीश राजनांदगांव के माध्यम से भारतीय सेना (Indian Army) के नाम 5,000 रुपये का चेक भेंट किया। इस छोटी सी उम्र में देश के प्रति उनकी इस संवेदनशीलता और जज्बे की प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मुक्तकंठ से सराहना की।
संस्कारों की विरासत
अलौकिक के इस सराहनीय कदम से उनके परिवार में हर्ष और गौरव का माहौल है। उनके पिता लवकुमार रामटेके और माता श्रीमती दीपा रामटेके (अधिवक्ता, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट) ने बताया कि अलौकिक बचपन से ही सेना और देश के प्रति विशेष लगाव रखते हैं। परिवार का मानना है कि बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी और देशभक्ति के संस्कार शुरू से ही होने चाहिए।
शुभकामनाओं का तांता
अलौकिक की इस गौरवशाली उपलब्धि पर उनकी दादी श्रीमती शांताबाई रामटेके, बड़ी बहन गौतमी माही (लॉ स्टूडेंट) सहित परिवार के सदस्यों, इष्ट-मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने भी सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से अलौकिक के इस “जज्बे को सलाम” किया है।
”यह मात्र एक दान नहीं, बल्कि हमारे सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक छोटा सा प्रयास है। अलौकिक का यह कदम अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।” — रामटेके परिवार
