बीजापुर

भोपालपटनम: ब्लॉक धान खरीदी केंद्रों में टोकन के लिए मचा हाहाकार, किसान परेशान

​बीजापुर। छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक में धान खरीदी प्रक्रिया अब किसानों के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। धान बेचने के लिए अनिवार्य ‘टोकन’ नहीं कटने के कारण सैकड़ों किसान खरीदी केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है।
​सर्वर और प्रबंधन का हवाला: रायपुर से अटकी फाइल
​जब इस समस्या के संबंध में किसानों ने लैम्प्स (LAMPS) प्रबंधन से संपर्क किया, तो प्रबंधन ने अपनी लाचारी जाहिर करते हुए पूरा मामला रायपुर (मुख्यालय) का बताया है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि टोकन जारी करने की अनुमति और तकनीकी प्रक्रिया राजधानी से नियंत्रित हो रही है, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर वे कुछ भी करने में असमर्थ हैं।
​कर्ज के बोझ तले दबे अन्नदाता
​टोकन न कटने से नाराज और चिंतित किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि:
​खेती के लिए लिया है कर्ज: किसानों ने बताया कि उन्होंने सहकारी बैंकों और साहूकारों से खेती के लिए बड़ा लोन लिया है। धान समय पर नहीं बिका तो वे समय पर कर्ज (लोन) नहीं पटा पाएंगे, जिससे उन पर ब्याज का बोझ बढ़ता जाएगा।
​खराब होने का डर: खुले आसमान के नीचे रखा धान मौसम की मार और सुरक्षा की दृष्टि से भी जोखिम में है।
​किसानों की प्रशासन से गुहार
​परेशान किसानों ने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए और निवेदन करते हुए कहा है कि:
​”हम गरीब किसान अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। अगर प्रशासन हमारी सुध नहीं लेगा तो हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। हमारा प्रशासन से विनम्र निवेदन है कि जल्द से जल्द टोकन कटवाने की व्यवस्था की जाए ताकि हम अपना धान बेच सकें और सम्मान के साथ अपना कर्ज चुका सकें।”
​प्रमुख मांगें:
​टोकन प्रक्रिया को तत्काल सुचारू किया जाए।
​रायपुर मुख्यालय से समन्वय कर तकनीकी बाधाओं को दूर किया जाए।
​बीजापुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के लिए धान खरीदी की विशेष निगरानी की जाए।
​अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और खाद्य विभाग इस मामले में कितनी तेजी से संज्ञान लेता है, ताकि भोपालपटनम के अन्नदाताओं को राहत मिल सके।

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