भक्ति और आस्था का मास: भोपालपटनम शिव मंदिर में कार्तिक मास की विशेष पूजा-अर्चना

भोपालपटनम। भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरे पावन कार्तिक मास के आगमन के साथ ही बीजापुर जिले के भोपालपटनम स्थित शिव मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया है। इस पूरे महीने, यहां प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में विशेष पूजा-अर्चना और ‘कार्तिक काकड़ आरती’ की जा रही है, जिसमें स्थानीय महिलाएँ बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।
प्रतिदिन होती है काकड़ आरती और दीपदान
शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष, श्री कमल सिंह कोरम जी ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्तिक मास में पूरे एक महीने तक महिलाएँ प्रतिदिन प्रातः 5 बजे शिव मंदिर में एकत्र होती हैं। वे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं और विशेष रूप से कार्तिक दिया (दीप) जलाया जाता है। इस माह में दीपदान का विशेष महत्व माना जाता है।
कार्तिक पूर्णिमा तक होंगे विशेष आयोजन
कोरम जी ने बताया कि कार्तिक मास की शुरुआत से ही मंदिर में भक्ति का माहौल बना हुआ है, लेकिन देवउठनी एकादशी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक धार्मिक गतिविधियाँ और भी बढ़ जाती हैं। इस दौरान महिलाएँ कई महत्वपूर्ण पर्व और व्रत संपन्न करेंगी, जिनमें प्रमुख हैं:
देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह: इस दिन भगवान विष्णु के स्वरूप शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों से संपन्न किया जाएगा।
वैकुंठ चतुर्दशी व्रत और आंवला दीपदान: वैकुंठ चतुर्दशी पर व्रत रखा जाएगा और मोक्ष की कामना से आंवला वृक्ष के नीचे वैकुंठ दिया (दीप) जलाया जाएगा।
इन्द्रावती नदी तट पर पार्थिव शिवलिंग पूजा: भक्तजन इन्द्रावती नदी के पवित्र तट पर पार्थिव शिवलिंग (मिट्टी के शिवलिंग) का निर्माण कर उनकी विशेष पूजा-अर्चना करेंगे।
366 बत्ती का महादीप और सुख-समृद्धि की कामना
कार्तिक मास का समापन कार्तिक पूर्णिमा के दिन होता है, जो अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन मंदिर में एक विशेष अनुष्ठान के तहत 366 बत्ती का दिया जलाया जाएगा। इस महादीप को जलाकर पूरे परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल कामना की जाती है।
धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास वह पवित्र अवधि है जब जगत के पालक भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं। यही कारण है कि इस पूरे मास में की गई पूजा, व्रत और दीपदान को विशेष रूप से फलदायी माना जाता है और यह मास भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की आराधना के लिए समर्पित है। शिव मंदिर भोपालपटनम में यह आयोजन स्थानीय लोगों की गहरी आस्था और परंपराओं को दर्शाता है।

