बीजापुर जिला अस्पताल में बदहाली! व्यापारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 7 दिन में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

बीजापुर। जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पताल बीजापुर में लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अब व्यापारी संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ ने आज कलेक्टर संबित मिश्रा को एक ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की गंभीर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और स्वास्थ्य सुविधाओं में तत्काल सुधार की मांग की है।
व्यापारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो संघ चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होगा।
बंद पड़ी जांच सेवाएं बढ़ा रहीं मरीजों की मुश्किल
व्यापारी संघ के अध्यक्ष ईश्वर सोनी एवं पदाधिकारियों ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में जिला अस्पताल की लचर व्यवस्थाओं का ब्यौरा दिया। संघ ने स्पष्ट किया कि जिला मुख्यालय के एकमात्र बड़े अस्पताल में ब्लड जांच, अन्य पैथोलॉजी सेवाएं एवं एक्स-रे/अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांचें सुचारू रूप से चालू नहीं हैं।
संघ का आरोप है कि सेवाओं के बाधित होने के पीछे मुख्य कारण तकनीशियन की अनुपलब्धता, उपकरणों की खराबी, दवाइयों की कमी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव है।
”अस्पताल में जांच सेवाएं बंद होने के कारण मरीजों को बाहर निजी लैबों में महंगी जांच एवं उपचार करवानी पड़ रही है। इससे क्षेत्र के आम लोगों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। जिला मुख्यालय के अस्पताल में जांच सेवाओं का बंद होना जनहित से जुड़ी एक गंभीर समस्या है।”
— व्यापारी संघ, बीजापुर
संघ की प्रमुख मांगें
व्यापारी संघ ने कलेक्टर संबित मिश्रा से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए निम्नलिखित सुधारों को लागू करने की अपील की है:
अस्पताल की सभी बंद पड़ी ब्लड जांच एवं पैथोलॉजी सेवाओं को तुरंत शुरू कराया जाए।
आवश्यक तकनीशियन, ऑपरेटर एवं मशीनें की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाए।
सात दिन का अल्टीमेटम
व्यापारी संघ ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि कलेक्टर द्वारा ज्ञापन प्राप्त करने के बाद सात दिनों के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं में कोई ठोस सुधार नहीं किया जाता है और समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो व्यापारी संघ मजबूरन आगे चरणबद्ध आंदोलन करने को विवश होगा।
इधर, कलेक्टर संबित मिश्रा ने व्यापारी संघ के ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
