सपने को हकीकत में बदला ।भोपालपटनम में जिले के पहले और बस्तर संभाग के दूसरे श्री तिरुपति बालाजी मंदिर की भव्य प्राण प्रतिष्ठा, श्रद्धा और समर्पण की मिसाल बनी गीता कोरम की आस्था







भोपालपटनम – जिले के भोपालपटनम तहसील मुख्यालय के पटेलपारा क्षेत्र में ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन के तहत जिले के पहले और प्रदेश के दूसरे भगवान श्री बालाजी मंदिर की विधि-विधानपूर्वक प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। यह मंदिर पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का नया केंद्र बनकर उभरा है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, भगवान बालाजी के दर्शन किए और पूजा-पाठ कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
संभाग में अब तक केवल जगदलपुर में भगवान बालाजी का मंदिर था, ऐसे में भोपालपटनम में यह मंदिर बनने से क्षेत्र के श्रद्धालुओं में अपार हर्ष और उत्साह देखा गया।
श्रद्धा और समर्पण से बनी मंदिर की नींव
पटेलपारा निवासी दिलीप कोरम और उनकी पत्नी गीता कोरम की भगवान बालाजी के प्रति अटूट श्रद्धा इस मंदिर की प्रेरणा बनी। गीता कोरम को भगवान बालाजी का ‘देव’ (दिव्य संकेत) हुआ था, जिसके बाद उन्होंने पति दिलीप को मंदिर निर्माण के लिए प्रेरित किया। दिलीप ने अपनी जमा पूंजी और भूमि समर्पित कर मंदिर निर्माण की नींव रखी।
इस धार्मिक कार्य में पूरे क्षेत्रवासियों, भक्तों और श्रद्धालुओं ने तन-मन-धन से योगदान दिया। तीन राज्यों छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र के सहयोग से इस तिरुपति बालाजी मंदिर का निर्माण संपन्न हुआ।
नगरवासियों और भक्तों का योगदान
इस आयोजन को सफल बनाने में विक्रम मण्डावी (विधायक), शैलेश केतारप (जज), जी.वेंकटेंश्वर (बस्तर प्रभारी पूर्व भाजपा जिला अध्यक्षबीजापुर),सरिता कूड़ेम(जनपद अध्यक्ष),नीलम गणपत (जनपद उपाध्यक्ष), लालू राठौर(जिला कांग्रेस अध्यक्ष), बसंत ताटी,चितपुरी पुरूषोतम,रापर्ती नागैया,चितपुरी श्यामबाबू, राजेन्द्र पडिशालावार, जी. मुरलीधर, योगेश गुज्जा, आनकारी सुधाकर, के.बतकैया, महेश शेट्टी,अरिगेल तिरुपति,अरगेल रमेश ,दिलीप चॉडक,उमेश गुज्जा,गिरिजाशंकर तामडी,रवि कुमार रापर्ती, अग्गी संतोष, मुर्गेश शेट्टी, के.श्रीनिवास, अंकिनपेली प्रपुल,उगेंद्र वासम ,महेश गादे,पनकंठी राजेश,पनकांटी वेंकटेश,प्रवीण गुज्जा ,अखिलेश गुरला,सहित कई गणमान्य नागरिकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
श्री कल्की अम्मा भगवान समिति जिला बीजापुर के संरक्षण श्री मलैया झाड़ी और समिति सदस्यों के व्दार पेयजल की व्यवस्था और स्वच्छता साफसफाई की गई। अय्यप्पा स्वामी मंडली के सदस्यों प्रशांत, रापर्ति लोकनाथ, विजय शेट्टी,गोविंद कुमरे, सम्मैया, सतीश, धनंजय का भी विशेष सहयोग रहा।
महिलाओं की अहम भूमिका
मंदिर निर्माण में महिला श्रद्धालुओं की सहभागिता उल्लेखनीय रही। 15 महिलाओं ने 41 दिनों तक “ॐ श्री वेंकटेश्वराय नमो नमः” मंत्र को पन्नों पर लिखते हुए भगवान बालाजी से मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। इनमें गायत्री कोरम, नंदिनी कोरम, दिव्या कोरम, प्रेमलता यालम, सूर्यमणि यालम, दम्मूर पुष्पा, अंशुला कोरम, राजेश्वरी यालम, साक्षी बोग्गुल, संजुला कोरम, मंजू कोरम, शकुंतला कोरम और अन्य शामिल रहीं।
पीले वस्त्र पहनकर इन महिलाओं ने आयोजन में भक्तों को पानी पिलाने से लेकर अन्य सेवाएं भी की, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
श्री बालाजी भगवान का रात्रि 8 से 11 बजे तक नगर भ्रमण कराया गया, जिसमें सैकड़ों भक्त शामिल हुए। इस दौरान पूरे नगर में भक्ति की धारा बहती रही।
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का नेतृत्व पंडित नागराज महाराज, दत्तू महाराज और अरुण शर्मा ने किया, जिन्होंने मंत्रोच्चार और वैदिक विधियों से मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की।
स्थानीय धार्मिक सुविधाओं में इजाफा
अब तक भोपालपटनम के श्रद्धालुओं को नवग्रह पूजा और अन्य विशेष पूजाओं के लिए दूसरे राज्यों की ओर रुख करना पड़ता था, मगर इस मंदिर की स्थापना से अब ये सभी पूजा-पाठ की सुविधाएं स्थानीय रूप से ही उपलब्ध होंगी।
भोपालपटनम में श्री बालाजी भगवान के इस मंदिर की स्थापना न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि यह सामाजिक समरसता, सहयोग और समर्पण की मिसाल भी पेश करती है। दिलीप और उनकी धर्मपत्नी गीता कोरम की आस्था और पूरे नगरवासियों के सामूहिक प्रयासों से बना यह मंदिर आने वाले समय में आध्यात्मिक पर्यटन का भी केंद्र बन सकता है।


