बछड़े को मिली पशुधन विभाग की मदद और नागरिक का संरक्षण: डॉ. सुशांत लकड़ा की टीम ने किया सफल उपचार, संदीप राज पामभोई बने ‘देवदूत’

17/10/2025दुर्घटना में घायल और कुत्तों के हमले से पीड़ित एक बछड़े को पशुधन विकास विभाग की त्वरित कार्रवाई और एक जिम्मेदार नागरिक के मानवीय सहयोग से नया जीवन मिला है। विभाग की टीम ने जहां बछड़े के टूटे हुए पैर का तत्काल उपचार किया, वहीं नागरिक संदीप राज पामभोई ने उसके स्वस्थ होने तक उसकी देखभाल की पूरी जिम्मेदारी ली है।
घटना की जानकारी मिलते ही, पशुधन विकास विभाग की विशेष टीम मौके पर पहुंची। इस टीम का नेतृत्व खंड अधिकारी (V.A.S) डॉ. सुशांत लकड़ा कर रहे थे। उनके साथ परवेट शिवम ध्रुव (AVFO) और शंकर (ड्राइवर/अटेंडेंट) भी शामिल थे। टीम ने पाया कि बछड़ा अत्यधिक दर्द से कराह रहा था, जिसका मुख्य कारण दुर्घटना में उसके पिछले पैर में आया गंभीर फ्रैक्चर था। गंभीर चोट की स्थिति यह थी कि उसे आवारा कुत्तों ने भी काट लिया था, जिससे घावों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया था।
डॉ. सुशांत लकड़ा और उनकी टीम ने तुरंत बछड़े को दर्द से राहत देने और फ्रैक्चर को स्थिर करने का उपचार शुरू किया। डॉ. लकड़ा ने बताया कि फ्रैक्चर गंभीर है और हड्डी को पूरी तरह से ठीक होने में लगभग 15 से 20 दिन का समय लगेगा। इस दौरान बछड़े को निरंतर चिकित्सा निगरानी और सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता होगी।
ऐसे नाजुक समय में, स्थानीय नागरिक संदीप राज पामभोई ने मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे बढ़कर, घायल बछड़े की देखभाल और संरक्षण की पूरी जिम्मेदारी लेने का फैसला किया। श्री पामभोई ने आश्वासन दिया है कि वे बछड़े के फ्रैक्चर ठीक होने तक उसे अपने संरक्षण में रखेंगे, उसके खान-पान, साफ-सफाई और विभाग द्वारा दिए गए दवाइयों का ध्यान रखेंगे।
पशुधन विकास विभाग की टीम ने श्री पामभोई के इस मानवीय सहयोग की सराहना की है और कहा है कि वे बछड़े की चिकित्सा स्थिति की लगातार जांच करते रहेंगे। विभाग की टीम की त्वरित और कुशल प्रतिक्रिया तथा श्री संदीप राज पामभोई की सहृदयता, दोनों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि दर्द से जूझ रहे इस बेजुबान पशु को उचित उपचार और प्यार भरा आश्रय मिल सके। यह घटना सरकारी सेवा और नागरिक कर्तव्यनिष्ठा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।



