भोपालपटनम में कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का एक दिवसीय धरना एवं रैली, मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा

भोपालपटनम।
प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत विकासखंड मुख्यालय भोपालपटनम में आज कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले एक दिवसीय धरना एवं रैली प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह क्लब प्रांगण से विशाल रैली के रूप में हुई, जो मुख्य मार्ग से होते हुए रेस्ट हाउस चौक तक पहुँची। इस दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अपनी 11 सूत्रीय माँगों को जनता और प्रशासन के समक्ष रखा।
इस धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से – सुधाकर आनकारी (संरक्षक, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन), कमल सिंह कोर्राम (अध्यक्ष), संदीप राज पामभोई (संयोजक), महेश शेट्टी (उपाध्यक्ष), श्रीनिवास एटला (ब्लॉक अध्यक्ष, छ.ग.प्र. तृ.व.शा.क. संघ), वासम चंद्रशेखर (सचिव), नीलम गणपत (उपाध्यक्ष), शेख आसम (उपाध्यक्ष), तलाण्डी रघु, (अध्यक्ष लिपिक संघ) सुरेश (वन विभाग) अनिल गुरला (स्वास्थ्य कर्मचारी संघ), प्रदीप कासोजी (अध्यक्ष पटवारी संघ)
के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे प्रदर्शन स्थल पर भारी उत्साह और एकजुटता का माहौल देखने को मिला।
11 सूत्रीय प्रमुख माँगें
धरना स्थल पर कर्मचारियों ने विस्तार से अपनी माँगों को रखा, जिनमें शामिल हैं:
केंद्र के समान तिथि से DA-DR भुगतान
वर्ष 2019 से लंबित DA एरियर्स का GPF में समायोजन
पिंगुआ कमेटी रिपोर्ट सार्वजनिक कर वेतन विसंगतियों का समाधान
8-16-24-32 वर्षों में चार स्तरीय समयमान वेतनमान
सहायक शिक्षकों, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों और नगरीय निकाय कर्मचारियों के समयमान वेतनमान एवं पदोन्नति
कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू
अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू, 10% सीमा समाप्त
अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस
प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा लाभ एवं पंचायत सचिवों का शासकीयकरण
सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष
कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी एवं संविदा कर्मियों का नियमितीकरण
? मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के उपरांत कर्मचारियों-अधिकारियों का प्रतिनिधि मंडल आगे बढ़ते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) (SDM) भोपालपटनम को मिला। इस दौरान प्रदेश की माँगों को लेकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
प्रतिनिधि मंडल ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार इन जायज़ माँगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
? कर्मचारियों की चेतावनी
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के न्याय और अधिकार की लड़ाई है।
“हमारी माँगें पूरी करो – नहीं तो संघर्ष और तेज होगा!”
“कर्मचारी-अधिकारी एकता ज़िंदाबाद!”


? यह धरना-प्रदर्शन पूरे दिन चला और इसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
