अपने कुकर्मों को छुपाने मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाने का कुत्सित प्रयास कर रहे ताटी- गिरिजा शंकर तामड़ी

जिला पंचायत सीट में करारी हार की दिखने लगी बौखलाहट

बीजापुर- समाजसेवी अजय सिंह से सीधे युद्ध नहीं कर सकते तो मेरे नाम का नाम ढाल बनाकर लड रहे ताटी ।रही बात सरस्वती शिशु मंदिर की तो वे खुद बंसत राव ताटी बतौर व्यवस्थापक पद पर कई वर्षों तक जमे रहे हैं और उस पद का लाभ भी बड़े मजे से लिया ।बड़े शर्म की बात है आज उसी विधामंदिर पर सवाल खड़े कर रहे जिसमें उनके बच्चे शिक्षा ग्रहण किये वे खुद व्यवस्थापक रहे ताटी तो इस मुहावरे को यथार्थ कर रहे हैं “जिस थाली में खाना उसमें छेद करना”।गरीब पिछड़े आदिवासी का शोषण में न चुके।बंसत ताटी के व्दारा सड़क निर्माण कार्य कर एक आदिवासी गरीब और बिन माता-पिता के रह रहे परिवार के उपजाऊ भूमि को कृषि करने में विगत दो वर्षों तक रोका ।सड़क बनाने पूर्व में उनसे वादा किया पूरे खेत की बाड़ी बनाने का पर जैसे सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हुआ उस परिवार को दरबदर भटकने को मजबूर किया ।अंत में परिवार ने तहसीलदार को आवेदन दिया तो दौड़ कर पीड़ित परिवार के घर पहुँच कर तीन बंडल फेंसिंग तार और चार हज़ार नगद राशि दिया और आवेदन वापस लेने को कहा पीड़ित परिवार जब हम तों दो वर्षों तक फसल उगा नहीं सके उसका क्या ?बंसत ताटी ने कोई जवाब नहीं दिया ।पीड़ित परिवार ने बाडी बनाया जिसमें तीस हज़ार रुपये की लागत लग गई । महाराष्ट से व्यापार करने आए लोग हम मूलनिवासी परिवार को अतिक्रमणकरी कहने से पहले सोचना चाहिए ताटी को । चुनाव में बुरी परास्त होने के कारण गुन्लापेटा पोलिंग बूथ पर वोट हासिल नहीं कर पाए जिसके कारण बदले की भावना से कुछ आरोप लगा रहे हैं । ईश्वर ताटी को सद्बुद्धि दे और अजय सिंह लड़ने की हिम्मत दे।


