आरएसएस के शताब्दी वर्ष में बीजापुर में व्यापक गृह संपर्क अभियान शुरू23 मंडलों के स्वयंसेवक घर-घर पहुंच कर दे रहे संगठन की 100 वर्ष की यात्रा की जानकारी

बीजापुर _ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे जिले में व्यापक गृह संपर्क अभियान चला रहा है। जिले के 23 मंडलों के स्वयंसेवक 01 नवंबर से हर गांव और हर हिंदू परिवार तक पहुंचकर संघ के 100 वर्ष के इतिहास, कार्य और भावी संकल्पों की जानकारी दे रहे हैं।स्वयंसेवक संतोष गोरला, नरेश, सुधाकर तोंगर, मिथलेश, आदित्य मिश्रा, मनोज, नागेश वड़े, रमेश कुमार माझी, सुखराम, जीवन साहू, संतराम नेताम, मिथलेश लंबाड़ी, राजेंद्र राणा, साहनी, गोपेश नेताम, नानमद्री, अंशु, शिवकुमार यादव, आशीष, संतु कश्यप सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं।परिवारों को भारत माता की तस्वीर निःशुल्क भेंट की जा रही है और “पांच प्रमुख परिवर्तन” पर चर्चा हो रही है पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्व का भाव एवं स्व आधारित जीवन, नागरिक कर्तव्य बोध संपर्क अभियान के दौरान संघ के कार्यों से जुड़े साहित्य का भी वितरण किया जा रहा है, जिसमें 15 रुपये मूल्य की एक पुस्तक इच्छुक लोगों को प्रदान की जा रही है।शताब्दी वर्ष के अंतर्गत अक्टूबर माह में बीजापुर में विशाल पथ संचलन आयोजित किया गया था, जिसे ऐतिहासिक माना गया। अब दिसंबर में जिले के सभी 23 मंडलों और उनकी 562 बस्तियों में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
जिला सह संघचालक भूपति नक्का ने बताया कि इन सम्मेलनों का उद्देश्य समाज को संगठित करना और विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाना है। कार्यक्रमों में साधु-संत, समाज प्रमुख और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध लोग मार्गदर्शन देंगे। युवा महोत्सव और जन गोष्ठी भी होंगे आयोजन का हिस्सा।जनवरी में 4 स्थानों पर युवा महोत्सव आयोजित होगा, जिसमें युवाओं की समस्याओं और समाधान पर चर्चा की जाएगी।मार्च में प्रमुख जन गोष्ठी होगी, जिसमें किसान, व्यापारी, वकील, एवं विभिन्न वर्गों के प्रमुखों को आमंत्रित किया जाएगा। जिला सह संघचालक भूपति नक्का ने यह भी कहा गृह संपर्क अभियान का लक्ष्य जिले के हर हिंदू परिवार तक पहुंचना है। इसमें सर्व समाज का सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से समाज को जोड़ने, संघ के कार्यों का विस्तार और शाखाओं की संख्या बढ़ाने का संकल्प लिया गया है।यह व्यापक संपर्क अभियान पूरे दिसंबर तक चलेगा और शताब्दी वर्ष के दौरान लगातार विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।



