बस्तर के युवाओं को सरकारी नौकरियों में मिले प्राथमिकता: जिला पंचायत उपाध्यक्ष पेरे पुलैया ने उठाई मांग

बीजापुर। बस्तर संभाग में स्थानीय बेरोजगारी के मुद्दे ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। बीजापुर जिला पंचायत के उपाध्यक्ष और भाजपा नेता पेरे पुलैया ने जिले की सरकारी भर्तियों में स्थानीय युवाओं को तवज्जो देने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के विकास और बेरोजगारी को दूर करने के लिए स्थानीय युवाओं को पहला अवसर मिलना अनिवार्य है।
स्थानीय प्रतिभा को अवसर देने की वकालत
पेरे पुलैया ने अपने बयान में कहा कि बस्तर के युवाओं में योग्यता और क्षमता की कोई कमी नहीं है, लेकिन अवसरों के अभाव में वे पिछड़ रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जब सरकारी विभागों में नियुक्तियां होती हैं, तो बाहरी जिलों या बड़े शहरों के उम्मीदवारों के बजाय स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पुलैया के अनुसार:
स्थानीय नियुक्तियों से क्षेत्र के युवाओं का अपने जिले के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा।
बेरोजगारी के संकट को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
स्थानीय परिवेश की समझ होने के कारण युवा शासकीय कार्यों को बेहतर ढंग से क्रियान्वित कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम पत्र
इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए, पेरे पुलैया ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को औपचारिक पत्र प्रेषित किया है। पत्र में उन्होंने मांग की है कि बस्तर जैसे आदिवासी बहुल और संवेदनशील क्षेत्रों के लिए भर्ती नियमों में विशेष प्रावधान किए जाएं। उन्होंने आग्रह किया कि सरकारी भर्तियों में स्थानीय आवेदकों को वरीयता देने का स्पष्ट निर्देश जारी किया जाए ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
”बस्तर के युवाओं के पास प्रतिभा है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसरों की जरूरत है। अगर सरकार स्थानीय भर्ती पर गंभीर पहल करती है, तो यह विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा।” – पेरे पुलैया
विकास की गति में सहायक होगा यह कदम
भाजपा नेता का मानना है कि जब स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, तो वे अपने ही क्षेत्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। इससे न केवल आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि क्षेत्र में शांति और प्रगति का माहौल भी बनेगा।


